
उत्तराखंड का सियासी गलियारा दिल्ली के रास्तों की तरह समतल और चिकना नहीं है। आम आदमी पार्टी से जुड़ रहे लोगों ने यह बात साफ कर दी है कि उन्हें कैसा उम्मीदवार चाहिए।
आप में लगातार लोगों के शामिल होने का सिलसिला जारी है। इसके पीछे जो ‘राज’ छिपा है इसका पता एक हफ्ते बाद लग जाएगा।
नहीं पहुंचे राष्ट्रीय संगठन संयोजक
मौका था 108 सेवा के संचालक अनूप नौटियाल के आप में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यालय में मीटिंग का। अनूप नौटियाल के आप में शामिल होने के अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संगठन संयोजक संजय सिंह को आना था, लेकिन वह नहीं आ सके।
दिल्ली कार्यकारिणी के सदस्य पंकज चौहान और तनुश्री आई थीं। नौटियाल के शामिल होने के बाद मीटिंग शुरू हुई तो लोगों ने कहा कि उत्तराखंड में बाहर से नेता न भेजा जाए। उसे ही जिम्मेदारी दी जाए, जो पर्वतीय क्षेत्रों से वाकिफ हो।
एक हफ्ते का समय
उनका कहना था कि कुछ लोग तो एयरपोर्ट पहुंचने में हांफ जाते हैं। पंकज चौहान ने कहा कि वह एक फॉर्मूला बताएंगे जिससे लोग दौड़कर पार्टी में शामिल होंगे। बाद में उन्होंने फॉर्मूला बताने के लिए एक हफ्ते का समय दे दिया।
इस मौके पर चर्चा हुई कि आम आदमी पार्टी वार्ड और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करेगी। ओंकार भाटिया ने बताया कि 13 जिलों में कार्यकारिणी का गठन हो गया है।
